The Nazar dosh Diaries



प्रतिमा या चित्र की स्थापना:- जिस देवता से संबंधित मंत्र का जप कर रहे हैं, उनकी प्रतिमा या चित्र अपने सामने रखें। जप आरंभ करने से पहले देवता की पूजा करें।

उस पात्र का जल २४ घण्टे बाद किसी वृक्ष पर चढ़ा दें। 

साधना समय में जिस मंत्र का जप कर रहें हों, उस मंत्र के देवता की प्रतिमा या फोटो अवश्य सामने स्थापित करें। 

अपने गुरु एवं परमात्मा पर पूर्ण विश्वास और श्रद्धा रखें। 

कुछ नया जानने और सीखने की जादुई दुनिया !

मन्त्र ज्यो शत्रु भयो। डाकिनी वायो, जानु वायो।

साफ-स्वच्छ, धुले हुए वस्त्रों का उपयोग करें। 

जियति संचारे। किलनी पोतनी। अनिन्तुश्वरि करे।

साधना के लिए एक निश्चित समय और स्थान का पालन करें।

इसके बाद जब सूर्य ग्रहण खत्म हो जाए तब आपने जो भी कपड़े पहने हुए हैं उसी के साथ जाकर पानी से स्नान कर ले. इस तरह सूर्य ग्रहण की अवधि में आपके द्वारा जाप किए गए साबर मंत्र का असर होने लगेगा और उसकी सिद्धि हो जाएगी, सिद्ध होने के बाद आप साबर मंत्र का इस्तेमाल दूसरों की भलाई के लिए कर सकते हैं.

आसन का उपयोग:- कुश, ऊन, या रेशमी आसन पर बैठकर जाप करें। आसन का रंग सफेद, लाल या पीला होना शुभ माना जाता है।

सामग्री का चयन और उपयोग:- मंत्र जाप में उपयोग होने वाली सामग्री जैसे read more दीपक, धूप और नैवेद्य ताजा और शुद्ध होना चाहिए। दीपक में देशी घी का उपयोग करें। 

तंत्र मंत्र की उत्पत्ति के तौर पर हिंदू धर्म को जाना जाता है क्योंकि इस दुनिया का सबसे पहला धर्म हिंदू धर्म ही है और इसीलिए इस दुनिया में जो भी विद्या या फिर साधनाएं आई है उसकी उत्पत्ति हिंदू धर्म के द्वारा ही हुई है.

शाबर मंत्र साधना : शक्तिशाली सिद्ध शाबर मंत्र

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